नेपाल में भूकंप से 128 लोगों की मौत, झटकों से दिल्ली से लेकर बिहार तक के लोग सहमे, घर छोड़कर भागे बाहर

ब्रह्मवाक्य, एजेंसी। नेपाल में देर प्रकृति ने भारी तबाही मचा दी। देर रात अचानक भूकंप से चारों ओर हाहाकार मच गया है। शुक्रवार देर रात 6.4 तीव्रता का तेज भूकंप आया। इस भयानक भूकंप की चपेट में आने से करीब 128 लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। बचाव दल द्वारा पहाड़ी इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कई इमारतों के ढह जाने से सैकड़ों लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। नेपाल पीएमओ ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल (Prime Minister Pushpa Kamal Dahal) ने शुक्रवार रात 11:47 बजे जजरकोट के रामीडांडा में आये भूकंप से हुई मानवीय और भौतिक क्षति को लेकर गहरा दुख जताया है। बताया गया है कि सभी तीनों सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल बचाव और राहत कार्य में लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र नेपाल की धरती पर 10 किलोमीटर की गहराई में था। जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर में भी लोगों ने महसूस किया। जिसकी दहशत से लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बतादें कि पिछले एक महीने में यह तीसरा मौका है जब, नेपाल में भूकंप के तेज झटके आए हैं।

बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके इतनी तेज थे कि लोग अपने घरों को छोड़कर भागने लगे। बतादें कि नेपाल में अकसर भूकंप के झटके आते हैं। दरअसल नेपाल उस पर्वत श्रृंखला (mountain range) पर स्थित है जहां तिब्बती और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट मिलती हैं। जो कि हर सदी एक-दूसरे के करीब दो मीटर पास खिसकती हैं जिससे दबाव उत्पन्न होता है और भूकंप आते हैं। जिसकी जद में भारत का उत्तरी हिस्सा भी क्सर आ जाते हैं।

नेपाल का पड़ोसी होने की वजह से बिहार में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इससे पहले नेपाल के पश्चिम प्रांत में 16 अक्टूबर को 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल में इससे पूर्व 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए झटकों की वजह से करीब 9,000 लोगों की जान चली गई थी।

BM Dwivedi

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