एमपी में भाजपा को बड़ा झटका, चार बार विधायक रहे इस बड़े नेता ने छोड़ी पार्टी

ब्रह्मवाक्य, भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की चार लिस्ट जारी कर अपने 136 उम्मीदवार कन्फर्म कर दिये हैं। जबकि कांग्रेस अपने 144 कैंडिडेट के नाम की घोषणा कर चुकी है। मध्यप्रदेश मेें 17 नवंबर को वोटिंग होगी। इन चुनावी तैयारियों के बीच भाजपा-कांग्रेस में नाराज नेताओं का दल बदल सिलसिला भी जारी है। प्रदेश की एक और हाई प्रोफाइल सीट लहार में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को सिकस्त देने के लिये भाजपा प्रत्याशी अम्बरीश शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री स्वयं मैदान में डटे हुये हैं। तो वहीं एमपी के चंबल क्षेत्र में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। चार बार भाजपा से विधायक रहे क्षेत्र के धुरंधर नेता रसाल सिंह ने पार्टी छोड़ते हुये इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि वे टिकट कटने से नाराज चल रहे थे।

पूर्व विधायक ने इस्तीफे के बाद नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में भाजपा के लिये अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया है। लेकिन संगठन उनकी अनदेखी कर पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले नेता को बढ़ा रही है, पार्टी में लोकतंत्र की हत्या कर दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की कॉपी शेयर करते हुये भाजपा छोड़ने की सूचना सार्वजनिक की है। वहीं बीजेपी जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया के मुताबिक, रसाल सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की जायेगी।

बतादें कि रसाल सिंह पूर्व में रौन से चार बार विधायक चुने गये हैं। लेकिन पिछेले दो विधानसभा चुनाव में लहार से डॉ गोविंद सिंह के विरुद्ध भाजपा की ओर से मैदान में उतरे पर उन्हें दोनों ही बार हार का सामना करना पड़ा, ऐसे में इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर अम्बरीश शर्मा को टिकट दिया।

माना जा रहा है कि पूर्व विधायक रसाल सिंह भाजपा छोड़ने के बाद बहुजन समाजवादी पार्टी जॉइन कर सकते हैं। बातादें कि बसपा से लहार से उनके चुनाव लड़ने पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों को नुकसान होगा।

BM Dwivedi

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