बच्चों के टीके समय में लगवाएं, जानलेवा बीमारियां होती है दूर

ब्रह्मवाक्य/हेल्थ। बच्चों के पेट में संक्रमण बहुत जल्दी हो जाता है। क्योंकि बच्चे खिलौने या कोई भी चीज सीधे मुँह में डालते जिस कारण बच्चों के पेट में संक्रमण हो जाता है। बच्चो की हाइजीन मेंटेन करना काफी कठिन होता है। बच्चों को ठण्ड के मौसम में डायरिया, गर्मी के मौसम में उलटी-दस्त पेट में कीड़े, वायरल इन्फेक्शन जैसी बीमारियां हो जाती है। इनसे बचने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

रोटावायरस टीका- यह वैक्सीन बच्चो के पेट के संक्रमण को दूर करने के लिए लगाया जाता है। रोटावायरस का खतरा खाने और पीने के कारण होता है। यह टीका बच्चो को 6 महीने की आयु में लगाया जाता है।

DTP वैक्सीन- डीटीपी का पूरा नाम डिप्थीरिया-टेटनस-पर्टुसिस है।टिटनेस और निमोनिया दोनों ही गंभीर बीमारी है इस लिए डीटीपी का टीका डॉ की परामर्श से जरूर लगवाना चाहिए। यह टीका टिटनेस के इन्फेक्शन को दूर करता है।

हेपेटाइटिस ए वैक्सीन- बच्चो को पीलिया की बीमारी होना आम बात है। यह बीमारी किसी किसी बच्चे को तुरंत बाद हो जाती है। यह बीमारी कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो चुकी है। पीलिया से बचाव के लिए हेपेटाइटिस ए का टीका लगाना काफी जरूरी होता है। वह टीका जन्म से छह महीने के बीच में दो बार लगवाया जाता है।

टाइफॉइड का टीका- बच्चो को टाइफॉइड के इन्फेक्शन से बचाने के लिए टाइफॉइड वैक्सीन लगाई जाती है। बच्चो की इम्युनिटी कमजोर होने के कारण वायरल इंफेक्शन जल्दी फैलता है। डॉ की सलाह से यह टीका अवश्य लगवाएं।

डीवर्मिंग- बच्चों के पेट में कीड़े पड़ना आम बात है परन्तु इसका असर उनके हेल्थ में बुरा पड़ता है। इससे बच्चे का वजन भी काम हो जाता है। इसलिए समय-समय में उनकी डीवर्मिंग करना जरूरी होता है।

Sameeksha mishra

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button